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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े की दवा व उपचार
पेट में कीड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है, लेकिन इसके जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मामले 1 से 14 वरà¥à¤· के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक देख जाते हैं। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन के आंकड़ों की माने, तो à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 24.1 करोड़ बचà¥à¤šà¥‡ पेट में कीड़ों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं (1)। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है, इसलिठमाता-पिता के लिठयह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना बेहद जरूरी हो जाता है कि कहीं उनका बचà¥à¤šà¤¾ पेट के कीड़ों से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ तो नहीं है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में जानिठपेट में कीड़ों के कारण, इसके लकà¥à¤·à¤£ और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इससे निजात दिलाने के सटीक उपाय।
लेख में सबसे पहले जानिठकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट के कीड़े कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट के कीड़े कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
पेट के कीड़े का मतलब है आंतों में परजीवियों का पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ होना। ये परजीवी अपने जीवन के लिठपूरी तरह से दूसरों पर निरà¥à¤à¤° रहते हैं। ये परजीवी बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ अपना शिकार बनाते हैं और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ माधà¥à¤¯à¤®à¥‹à¤‚ से पेट के अंदर दाखिल हो जाते हैं। पेट में इनके पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ और इनकी बढ़ती संखà¥à¤¯à¤¾ से आंत बà¥à¤°à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ के लिठये परजीवी आंतों को चोट पहà¥à¤‚चाते हैं, जिससे रकà¥à¤¤à¥à¤°à¤¸à¤¾à¤µ à¤à¥€ होने लगता है। नीचे जानिठशिशà¥à¤“ं में पेट के कीड़े होना कितना आम है?
सà¥à¤•à¥à¤°à¥‰à¤² करके पढ़ें कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट के कीड़े की समसà¥à¤¯à¤¾ कितनी आम है?
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट के कीड़े होना कितना आम है?
à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° वैशà¥à¤µà¤¿à¤• बाल सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ है, जो बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से लेकर जवानी तक रह सकती है। रिपोरà¥à¤Ÿ बताती है कि यह समसà¥à¤¯à¤¾ विकासशील देशों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ व किशोरों को अपना निशाना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनाती है (2)।
यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को जलà¥à¤¦à¥€ चपेट में ले लेता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ अपने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सजग नहीं होते हैं। वो नंगे पैर देर तक बाहर घूम लेते हैं और धूल-मिटà¥à¤Ÿà¥€, मल या फिर दूषित पानी के संपरà¥à¤• में आ जाते हैं। नीचे जानिठकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े कितने पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं।
आगे जानिठपेट में कीड़े के पà¥à¤°à¤•ार से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े कितने पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं और ये अलग-अलग तरीके से शिशà¥à¤“ं के शरीर को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। नीचे जानिठपेट के कीड़ों के पà¥à¤°à¤•ार (3) :
थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® : थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® छोटे परजीवी होते हैं, जो आंतों में रहते हैं। à¤à¤¸à¥‡ परजीवी 10 वरà¥à¤· के कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में देखे जा सकते हैं। इनका रंग सफेद होता है और ये 13 मि.मी. तक लंबे हो सकते हैं। थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® किसी सफेद धागे से दिखते हैं और छह हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक जीवित रह सकते हैं। थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® का à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार पिनवॉरà¥à¤® à¤à¥€ है, जो आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अपना निशाना बनाता है (4)।
राउंडवॉरà¥à¤® : ये à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के परजीवी हैं, जो à¤à¤• बार पेट में दाखिल होने के बाद अपनी आबादी अंडों के माधà¥à¤¯à¤® से बढ़ाने लगते हैं। गंदगी वाले इलाकों में रहने वालों लोगों को यह परीजीवी अपना शिकार बनाते हैं। इससे होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ को à¤à¤¸à¥à¤•ारियासिस कहते हैं। ये परजीवी 10 से 24 महीने तक पेट में रह सकते हैं (5)।
टेपवरà¥à¤® : ये à¤à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार के परजीवी हैं, जो दूषित पानी या आधे पके संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मांस के जरिठशरीर में दाखिल होते हैं। इंसानों में इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज आसानी से कर लिया जाता है, लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° à¤à¥€ हो जाती है। इसलिà¤, इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर आपको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठ(6)।
वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¥‰à¤°à¥à¤® : इन परजीवियों को सॉइल टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड हेलà¥à¤®à¤¿à¤¨à¥à¤¥à¤¸ à¤à¥€ कहा जाता है, जो दूषित मिटà¥à¤Ÿà¥€ के जरिठइंसानी शरीर में दाखिल हो जाते हैं। वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¥‰à¤°à¥à¤® बड़ी आंत में रहते हैं और इसके अंडे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मल से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं (7)।
हà¥à¤•वरà¥à¤® : इन परजीवियों को à¤à¥€ सॉइल टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड हेलà¥à¤®à¤¿à¤¨à¥à¤¥à¤¸ कहा जाता है, जो दूषित मिटà¥à¤Ÿà¥€ और मल के जरिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं। ये परजीवी छोटी आंत में रहते हैं और इनके अंडे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के मल से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं (8)।
अब जानिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट के कीड़े से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और शिशà¥à¤“ं में पेट के कीड़े से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जटिलताà¤à¤‚
जैसा कि हमने बताया कि बड़ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पेट के कीड़ों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा रहता है। अगर समय रहते इसकी पहचान और इलाज न किया जाà¤, तो सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ बताते हैं कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में बढ़ती कीड़ों की संखà¥à¤¯à¤¾ कई रोगों को उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकती है, जिसमें (2) :
कृमियों की वजह से होने वाला कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£
दमा
आंतों में सूजन
हेपेटाइटिस जैसी शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शामिल हैं।
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (हà¥à¤•वरà¥à¤® बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है)
टेपवरà¥à¤® के कारण नà¥à¤¯à¥‚रोसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ नामक संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को निशाना बनाता है, जिससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में गंà¤à¥€à¤° दौरे और यहां तक कि मौत का जोखिम à¤à¥€ बढ़ सकता है।
सà¥à¤•à¥à¤°à¥‰à¤² करके पढ़ें शिशà¥à¤“ं के पेट में कीड़े होने के कारण।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े होने के कारण
वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बचà¥à¤šà¥‡ पेट के कीड़ों से जलà¥à¤¦ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाते हैं। इसके पीछे निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारण हो सकते हैं (1) :
अनजाने में घास पर नंगे पैर चलने से कीड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर में दाखिल हो सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ मिटà¥à¤Ÿà¥€ में खेलते हैं, जिससे वो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ के संपरà¥à¤• में आ सकते हैं और मिटà¥à¤Ÿà¥€ में मौजूद कीड़ों के अंडे बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर सकते हैं।
शौच के बाद हाथ न धोना, बिना हाथ धोठà¤à¥‹à¤œà¤¨ करना या दूषित पानी पीना पेट में कीड़ों का कारण बन सकते हैं।
फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह धोठबिना खाना।
बाहर बिकने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ (जैसे नूडलà¥à¤¸ या पानी-पूरी) को बनाने में सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं रखा जाता है। साथ ही कई विकà¥à¤°à¥‡à¤¤à¤¾ सà¥à¤µà¤šà¥à¤› पानी का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² नहीं करते हैं। वहीं, उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग की जाने वाली बंदगोà¤à¥€ को अगर ठीक से साफ न किया जाà¤, तो उसमें मौजूद परजीवियों के अंडे à¤à¥‹à¤œà¤¨ को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
आधे सड़े फलों व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करना।
ठीक से न पका मांस का सेवन करने से à¤à¥€ पेट के कीड़ों का खतरा बढ़ सकता है।
पालतू जानवरों के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¥€ परजीवियों का खतरा बढ़ सकता है।
आइà¤, अब जान लेते हैं कि कैसे पता करें कि शिशॠके पेट में कीड़े हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में कीड़े होने के लकà¥à¤·à¤£
आंतों में कीड़े हैं कि नहीं यह जानने के लिठइसकी पहचान करना जरूरी है। नीचे जानिà¤, परजीवियों के पà¥à¤°à¤•ारों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पेट के कीड़ों के लकà¥à¤·à¤£à¥¤
1. थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤®
सोने में तकलीफ
पेट के नीचे खà¥à¤œà¤²à¥€
लड़कियों में योनी के आसपास लाल निशान, खà¥à¤œà¤²à¥€ या सूजन
à¤à¥‚ख न लगना
चिड़चिड़ापन
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के दौरान कीड़े निकलना (9)
2. राउंडवॉरà¥à¤®
खूनी बलगम (निचले वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बलगम निकलता है)
खांसी, घरघराहट
कम शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ बà¥à¤–ार
मल में कीड़े गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾
साà¤à¤¸à¥‹à¤‚ की कमी
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के लाल चकतà¥à¤¤à¥‡
पेट दरà¥à¤¦
उलà¥à¤Ÿà¥€ या खांसी के कीड़े
नाक या मà¥à¤‚ह के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर को छोड़ने वाले कीड़े (5)
3. टेपवरà¥à¤®
जी-मिचलाना
कमजोरी या थकान
दसà¥à¤¤
पेट में दरà¥à¤¦
à¤à¥‚ख न लगना
वजन घटना
विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ की कमी (6)
गंà¤à¥€à¤° दौरे आना (नà¥à¤¯à¥‚रोसिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¿à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ नामक मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से)।
गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं :
बà¥à¤–ार
अलà¥à¤¸à¤°
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€
सिरदरà¥à¤¦, चकà¥à¤•र आना या दौरे पड़ना।
4. वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¥‰à¤°à¥à¤®
मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— में तकलीफ (मल के साथ खून, पानी या बलगम आना)
डायरिया
मानसिक विकास में बाधा (10)
5. हà¥à¤•वरà¥à¤®
गà¥à¤¦à¥‡ के आसपास खà¥à¤œà¤²à¥€ और लाल चकतà¥à¤¤à¥‡
डायरिया
थकना
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
पेट में दरà¥à¤¦
वजन घटना
मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा (11)
पेट के कीड़ों का पता लगाने के लिठकौन से टेसà¥à¤Ÿ किठजाते हैं?
पेट में कीड़े होने की पहचान करने के बाद इसकी जांच करना बहà¥à¤¤ ही आवशà¥à¤¯à¤• है। नीचे जानिठपेट में कीड़ों की जांच की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विधियां (12) :
मल की जांच : आपके बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में कीड़े हैं या नहीं इसका पता लगाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ के मल का परीकà¥à¤·à¤£ कर सकते हैं। यह टेसà¥à¤Ÿ उन परजीवियों का पता लगाने के लिठकिया जाता है, जो डायरिया, कबà¥à¤œ, पेट फूलने, पेट में दरà¥à¤¦ और पेट संबंधी अनà¥à¤¯ बीमारियों का कारण बनते हैं। मल में परजीवी और अंडे की जांच के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° अलग-अलग दिनों के सà¥à¤Ÿà¥‚ल को किसी कंटेनर में रखने को कहेगा, जिसे आपको उसे सौंपना होगा। इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको अनà¥à¤¯ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ à¤à¥€ दे सकता है।
इंडोस कॉपी/कोलन कॉपी : इस विधि का उपयोग उन परजीवियों की पहचान करने के लिठकिया जाता है, जो दसà¥à¤¤, पानी से मल, पेट में à¤à¤‚ठन, पेट फूलना या अनà¥à¤¯ पेट से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियों का कारण बनते हैं। इस परीकà¥à¤·à¤£ के अंतरà¥à¤—त à¤à¤• टà¥à¤¯à¥‚ब को मà¥à¤‚ह या मलाशय में डाला जाता है, ताकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° आंत की जांच कर सकें।
रकà¥à¤¤ की जांच : कà¥à¤› परजीवियों की पहचान रकà¥à¤¤ जांच के जरिठà¤à¥€ हो सकती है। इसके लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° दो पà¥à¤°à¤•ार के बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ कर सकते हैं।
सीरोलॉजी टेसà¥à¤Ÿ : सीरोलॉजी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— परजीवी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ शरीर में à¤à¤‚टीबॉडीज और पैरासाइट à¤à¤‚टीजन का पता लगाने के लिठकिया जाता है। इस टेसà¥à¤Ÿ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शरीर से रकà¥à¤¤ की à¤à¤• मातà¥à¤°à¤¾ लेगा और उसकी जांच करेगा।
बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤° : इस परीकà¥à¤·à¤£ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— उन परजीवियों की पहचान करने के लिठकिया जाता है, जो रकà¥à¤¤ में पाठजाते हैं। इस टेसà¥à¤Ÿ में माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप की मदद से परजीवियों से होने वाले रोगों, जैसे – मरेलिया व फाइलेरिया आदि की पहचान की जाती है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡, à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ और कैट : इन टेसà¥à¤Ÿ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— परजीवी रोगों से होने वाले घावों की जांच करने के लिठकिया जाता है।
आगे हम इस बीमारी के इलाज व असरकारक दवाइयों के बारे में बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े का इलाज
पेट में कीड़े होने की जांच अगर पॉजिटिव है, तो आपको तà¥à¤°à¤‚त इसके इलाज के लिठआगे बढ़ना चाहिà¤à¥¤ इलाज के लिठबरती थोड़ी-सी लापरवाही à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° रूप ले सकती है। पेट के परजीवियों से निजात पाने के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परामरà¥à¤¶ पर दवाइयां ले सकते हैं या हरà¥à¤¬à¤² दवाइयों का सेवन कर सकते हैं। नीचे जानिठपेट में कीड़ों के लिठआप कौन-कौन सी दवाइयां ले सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े की दवा | Bache Ke Pet Me kide Ki Dawa
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पेट के कीड़े से आराम दिलाने के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवाइयां दे सकते हैं :
à¤à¤²à¥à¤¬à¥‡à¤‚डाजोल (Albendazole) : डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ पर आप बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤²à¥à¤¬à¥‡à¤‚डाजोल टैबलेट ले सकते हैं। यह दवा पेट के हर तरह के कीड़ों को मारने का काम करेगी। इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ दिन में दो बार दी जा सकती है, लेकिन आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के कहे अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही इसे लें (13)। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कीड़े की दवा और उपचार का समय बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° और परजीवी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करता है। इसलिà¤, बचà¥à¤šà¥‡ को कोई à¤à¥€ दवा खà¥à¤¦ से देना शà¥à¤°à¥‚ न करें।
मेबेंडाजोल (Mebendazole) : पेट के कीड़ों से निजात दिलाने के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को मेबेंडाजोल दवाइयां दे सकते हैं। मेबेंडाजोल दवा खासकर पिनवॉरà¥à¤® और हà¥à¤•वरà¥à¤® के खिलाफ à¤à¤• कारगर कृमिनाशक के रूप में काम करती है। इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° ही लें (14)।
पिपराजिन (Piperazine) : बचà¥à¤šà¥‡ को पेट के कीड़ों से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने के लिठआप पिपराजिन पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में ला सकते हैं। यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़ों के लिठà¤à¤• कारगर ओवर द काउंटर मेडिसिन है। बचà¥à¤šà¥‡ को इसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• देने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ जरूर लें (15)।
पेट के कीड़ों के लिठऊपर बताई गई दवाइयों के अलावा इन निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित दवाइयां का à¤à¥€ सेवन किया जा सकता है (15) :
पाइरेंटेल और मोरेंटल (Pyrantel and Morantel)
इमोडेपसाइड (Emodepside)
इवेरमेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ (Ivermectin)
नाइटाजोकà¥à¤¸à¤¾à¤¨à¤¾à¤‡à¤¡ (nitazoxanide)
मोनपैंटेल (monepantel)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े की होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवा से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारी के लिठसà¥à¤•à¥à¤°à¥‰à¤² करें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े की होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवा
पेट के कीड़ों से निजात पाने के लिठहोमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ दवाइयों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। इसके लिठआपको किसी होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना होगा। होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ की सही जांच करेगा और निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित दवाइयां दे सकता (16) :
सीना (Cina)
सेंटोनाइन (Santonine)
पोडोफाइलम (Podophyllum)
आइà¤, अब इस समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठकà¥à¤› घरेलू उपचार à¤à¥€ जान लेते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾ के घरेलू उपचार | Bacho Ke Pet Me Kide Ka Gharelu Upay
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट के कीड़े बाहर करने के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह पर घरेलू उपचार का सहारा ले सकते हैं। नीचे जानिठपेट के कीड़ों के लिठसबसे सटीक घरेलू उपाय।
पपीता : पेट से कीड़े बाहर करने के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को पपीता खिला सकते हैं। पपीता à¤à¤• गà¥à¤£à¤•ारी फल है। पपीता और इसके बीज कृमिनाशक (Antihelminthic) गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से समृदà¥à¤§ होते हैं, जो आतों से कीड़ों को साफ करने का काम करते हैं (17)।
लहसà¥à¤¨ : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़े मारने की दवा के रूप में आप लहसà¥à¤¨ का सेवन à¤à¥€ कर सकते हैं। लहसà¥à¤¨ में जानवरों के साथ-साथ इंसानों के पेट में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने वाले कीड़ों को à¤à¥€ मारने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ है (18)।
अजवाइन : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पेट के कीड़ों से निजात दिलाने के लिठआप अजवाइन का सहारा à¤à¥€ ले सकते हैं। यह à¤à¤• गà¥à¤£à¤•ारी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जो कृमिनाशक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से समृदà¥à¤§ होता है (19)।
कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज : पेट के कीड़ों के लिठकदà¥à¤¦à¥‚ के बीजों का सेवन à¤à¥€ कारगर उपाय हो सकता है। à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज टेपवारà¥à¤® संकà¥à¤°à¤®à¤£ पर 89 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ रूप से काम कर सकते हैं (20)।
करेला : पेट के कीड़ों को मारने के लिठकरेले का सेवन किया जा सकता है। यह कारगर कृमिनाशक औषधि के रूप में काम कर सकता है (21)।
नीम : नीम à¤à¥€ औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है, जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को पेट के कीड़ों से छà¥à¤Ÿà¤•ारा दिलाने में आपकी मदद कर सकती है (22), कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि नीम कड़वी होती है। इसे देने के तरीके के संबंध में आप चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ परामरà¥à¤¶ जरूर लें।
गाजर : पेट के कीड़ों के लिठगाजर का सेवन à¤à¥€ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है (23)। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह पर बचà¥à¤šà¥‡ को गाजर का जूस या कचà¥à¤šà¤¾ गाजर खिला सकते हैं।
हलà¥à¤¦à¥€ : à¤à¤• औषधि के रूप में हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² लंबे समय से किया जा रहा है। यह शरीर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई परेशानियों से निजात दिलाने का काम कर सकती है। पेट के कीड़ों को मारने के लिठà¤à¥€ आप इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं (24)।
नारियल : पेट के कीड़ों से निजात पाने का à¤à¤• कारगर तरीका नारियल à¤à¥€ है। नारियल पानी आंतों से कीड़ों को बाहर करने का काम कर सकता है (25)।
लौंग : लौंग कई औषधीय गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¤• खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जिसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² शरीर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियों के लिठलंबे समय से किया जा रहा है। पेट के कीड़ों के लिठआप लौंग को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में ला सकते हैं (26)। इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कैसे किया जाà¤, इसके लिठचिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ परामरà¥à¤¶ जरूर लें।
कà¥à¤› अनà¥à¤¯ टिपà¥à¤¸ à¤à¥€ हैं, जो आपके काम आ सकते हैं। उसके बारे में हम आगे बता रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में कीड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾ की रोकथाम
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पेट की कीड़े से बचाने के लिठआप निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ का पालन कर सकते हैं :
यह जरूर सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शौच के बाद और खाने से पहले बचà¥à¤šà¥‡ ने हाथ अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚ हैं कि नहीं।
बचà¥à¤šà¥‡ के खाने-पीने पर जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤Ÿ फूड और अनहेलà¥à¤¦à¥€ जगहों में जाकर खाने से बचें।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह धोकर ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाà¤à¤‚। खासकर, वो जो जमीन के अंदर पैदा होती हैं, जैसे आलू और गाजर।
बचà¥à¤šà¥‡ के आसपास की जगह को साफ रखें।
बचà¥à¤šà¥‡ को खाली पैर बाहर न निकलने दें।
अगर आप बचà¥à¤šà¥‡ को पारà¥à¤• घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले गठहैं, तो घर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते ही बचà¥à¤šà¥‡ के हाथ-पैर अचà¥à¤›à¥€ तरह से धोà¤à¤‚।
पेट के कीड़े के लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर बचà¥à¤šà¥‡ को तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚।
उपचार के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ की चादर और अंडरवियर नियमित रूप से बदलें।
टॉयलेट सीट को हमेशा साफ रखें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के हाथ-पैर के नाखà¥à¤¨à¥‹à¤‚ को समय-समय पर काटते रहें।
पेट में कीड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾ घातक à¤à¥€ हो सकती है, लेकिन सही समय पर इसकी पहचान, निदान और इलाज आपके बचà¥à¤šà¥‡ को इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचा सकता है। इसलिà¤, जितना हो सके बचà¥à¤šà¥‡ के खान-पान से लेकर उसकी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ का पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। पेट के कीड़ों के इलाज के लिठआप à¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• मेडिसिन से लेकर लेख में बताठगठघरेलू उपायों को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में ला सकते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से संबंधित यह à¤à¤• जरूरी जानकारी है, इसलिठआप इसे दूसरों के साथ साà¤à¤¾ à¤à¥€ कर सकते हैं।
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